27 April, 2011

बापू की पार्टी और उन्ही की लाठी

मिला देश को बापू से
असीमित स्नेह और प्यार
पर विरासत में मिले उनसे
और दो अनोखे उपहार

एक वो ही पुरानी पार्टी छोडी
साथ मिली उनकी लाठी
कहा लगा देना सिर पे लाठी
गर भटके राह से ये पार्टी

ये कैसी अदृश्य लाठी थी
ना समझे पार्टी के ही लोग
सारा देश अचरज में रहा
किया सिर्फ़ अन्ना ने प्रयोग

सत्याग्रह की रह पकड़
चले अगर आज भी कोई
गोरे हो या काले अँगरेज़
झुकेगा उसके आगे हर कोई