Shakti Sourav
A lonely traveller...
09 April, 2012
जिंदगी थम सी जाती है
हर शाम पैमाने के छूटते ही
की टटोलके देख लेता हूँ
साँसे अभी भीबाकी हैं
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)