15 January, 2011

क़दरदान

खरीदारों से भरे इस बाज़ार में
नुमाइश से सारोबोर हर चोवराहा
चंद सिक्कों पे बिकती यहाँ मधुबाला
पर कदरदानो की जब बात चले
तो महफ़िल में हम भी आएँगे
सिक्के ना सही तो ग़म नही
एक मधुबाला हम भी ले जाएँगे

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